खत


ज़बान पर ताले लटके हुए थे आँखों से झाँक रहे थे आंसू होंठ हो रहे थे सुर्ख सांसें थी बेमानी| धड्कनें कभी तेज तो कभी धीमी चेहरा निस्तेज और उम्मीदें […]

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