आज मैंने एक दिया जलाया

_DSC0340
आज मैंने एक दिया जलाया|

गंगा किनारे घूमते-घूमते
एक छोटे बच्चे ने पास आकर
एक पत्ते का कटोरा आगे बढ़ाया
आज मैंने एक दिया जलाया|

कटोरे में फूल थे
गेंदे की पीली पत्तियां थी
और बीच में बैठी एक मोम की काया
आज मैंने एक दिया जलाया|

पांच रुपए का है भैया
कहता कहता वो मेरे पीछे भागा
भागते-भागते मेरे संग घाट पर आया
आज मैंने एक दिया जलाया|

मुझसे बिना पूछे ही उसने
जलाई एक बाती और आगे बढ़ाई
पिघलते मोम ने मेरा भी मन पिघलाया
आज मैंने एक दिया जलाया|

टिमटिमाती रौशनी और फूलों की खुशबू
उस दिए को पानी में रखकर
हल्के हाथों से मैंने बढ़ाया
आज मैंने एक दिया जलाया|

मैंने उससे नाम पूछा, काम पूछा,
सुबह स्कूल जाता हूँ,
श्याम, नाम उसने बतलाया
आज मैंने एक दिया जलाया|

दिए की लपट में उत्साह दिखा
बच्चे की आँखों में ख्वाब दिखे
गंगा ने मुझे फिर नया पाठ सिखाया
आज मैंने एक दिया जलाया|

आज मेरा दिल फिर भर आया,
आज मैंने फिर एक दिया जलाया|

Advertisements

Say Something About This Post

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s